दोस्तों, इस वेबसाइट पर अपनी हिंदी कहानियों के ज़रिये हम हमेशा यही कोशिश करते रहे है कि आपको कुछ नया और अच्छा सीखने को मिले. इसी सोच के साथ इस बार भी हम आपके लिए लाये है short Hindi story with moral values. ये मोरल कहानी हर स्टूडेंट, हर नौकरी करने वाले और हर उस इंसान को ज़रूर पढ़नी चाहिए जो ज़िन्दगी में आगे बढ़ने की चाह रखता है. तो आईये बिना देरी किये पढ़ते है


नाम :- प्रहलाद सहाय मीणा { दौसा राजस्थान }
पद :- IPS अधिकारी 

रेलवे में गैंगमैन से सिविल सेवा अधिकारी तक का सफर :

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प्रहलाद मीना की प्रेरक कहानी।
हमारे आस-पास संघर्षों और सफलताओं की कितनी अनकही कहानियाँ तैर रही हैं, जो अक्सर हमारे सामने नहीं आती। युवा IPS अधिकारी #प्रहलाद_सहाय_मीना से । जब उनके अतीत को टटोला तो उनकी ज़ुबानी उनकी कहानी सुनने को मिली:-
बाहरवीं तक सरकारी विद्यालय रामगढ़ पचवारा से पढ़ने के बाद प्रहलाद ने स्नातक के लिए राजस्थान कालेज, जयपुर में प्रवेश लिया। इसी बीच रेलवे के भुवनेश्वर बोर्ड में ग्रुप-D, गैंगमैन की नौकरी मिली, तो वहाँ काम करना शुरू कर दिया।
इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक SBI में प्रोबेशनरी अधिकारी के रूप में काम किया। इसके बाद रक्षा मंत्रालय के अधीन सहायक लेखा अधिकारी- AAO के रूप में काम करते समय प्रहलाद को एक मित्र से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के बारे में जानकारी प्राप्त हुई तो उन्होंने दिल्ली आने के लिए दोबारा परीक्षा दी, जिसके आधार पर रेल मंत्रालय में सहायक अनुभाग अधिकारी- ASO के रूप में काम करने का अवसर मिला।
दिल्ली आने के साथ ही 2013 से उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। 2013 तथा 2014 में मुख्य परीक्षा देने का अवसर मिला। 2015 में प्रिलिमनरी परीक्षा में सफलता नहीं मिली तो उस साल वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य को अच्छे से तैयार किया तथा 2016 के प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की और वह वर्तमान में भारतीय पुलिस सेवा- IPS में ओडिशा कैडर के 2017 बैच के अधिकारी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मेरे लिखे निबंध पढ़े और उनकी मदद से निबंध में 160 अंक स्कोर किए।
सचमुच हर सफलता के पीछे संघर्षों का एक लम्बा सिलसिला होता है, जो बाक़ी दुनिया के सामने नहीं आ पाता। प्रहलाद के सतत संघर्ष और सफलता की इस कहानी पर बशीर बद्र की ग़ज़ल ये चार पंक्तियाँ याद आती हैं:-
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा।
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं
तुम ने मेरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा।

Hindi Story with Moral Values
“ये हमारा कर्तव्य है कि हम किसी चीज़ को पाने के लिए पूरी कोशिश करे लेकिन अगर वो चीज़ हमें ना मिले तो इसका मतलब ये नहीं कि ज़िन्दगी से हार कर बैठ जाओ. उठो, और मेहनत करो और पूरे जोश के साथ अगली बार कोशिश करो, निश्चित ही तुम्हे तुम्हारा लक्ष्य मिल जाएगा. 
#रुक_जाना_नहीं #सफलता #संघर्ष #IAS #IPS #UPSC #CivilServices

दोस्तों, ये कहानी के ज़रिये हम सिर्फ ये बताना चाहते है कि मात्र कुछ असफलताओं की वजह से हमें कभी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए, हमेशा कोशिश करते रहे. एक ना एक दिन सफलता मिल ही जाती है. बस खुद पर यकीन रखे !


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